🌿 सावन में भोलेनाथ के लिए जल कैसे लाएं 🙏
सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। इस दौरान शिवभक्त गंगाजल लाकर शिवलिंग पर चढ़ाते हैं। यह ब्लॉग बताएगा कि आप सावन में भोलेनाथ के लिए जल कैसे लाएं।
🚶♂️ 1. कांवड़ यात्रा की तैयारी
- शारीरिक रूप से खुद को तैयार करें – रोज़ाना चलने की आदत डालें।
- आत्मिक संकल्प लें कि यात्रा नियमपूर्वक करेंगे।
- एक मजबूत और संतुलित कांवड़ खरीदें।
🌊 2. जल कहाँ से भरें?
- हरिद्वार, गंगोत्री, सुल्तानगंज जैसे पवित्र स्थलों से गंगाजल भरें।
- जल भरते समय "हर हर गंगे" का जयकारा लगाएं।
- जल को संतुलन से रखें ताकि रास्ते में न गिरे।
🕉️ 3. कांवड़ यात्रा के नियम
- कांवड़ को ज़मीन पर नहीं रखें।
- नंगे पाँव चलना भक्तिभाव का प्रतीक है।
- शांतिपूर्वक यात्रा करें – कोई झगड़ा न करें।
🛣️ 4. रास्ते में ध्यान देने योग्य बातें
- थकने पर रुकें और आराम करें।
- समूह में यात्रा करें – सुरक्षा के लिए अच्छा है।
- भजन-कीर्तन और शिवनाम का जाप करते रहें।
🛕 5. मंदिर में जल कैसे चढ़ाएं?
- पहले स्नान करें और मन को शांत करें।
- “ॐ नमः शिवाय” का जाप करते हुए जल चढ़ाएं।
- बेलपत्र, धतूरा, भांग आदि अर्पित करें।
🙏 निष्कर्ष
सावन में जल लाना केवल एक यात्रा नहीं बल्कि शिवभक्ति का सच्चा मार्ग है। यह आत्मिक शुद्धि और भगवान की कृपा पाने का अवसर है। हर हर महादेव!